Bhajan Diary - निम्मी निम्मी तारेयां दी लो पुजारियां ने बूहा खोलिया

निम्मी निम्मी तारेयां दी लो पुजारियां ने बूहा खोलिया,
निम्मी निम्मी तारेयां दी लो पुजारियां ने बूहा खोलिया।
शेरां वाली दा पुजारियां ने बूहा खोलिया
लाइटां वाली दा पुजारियां ने बूहा खोलिया।

ऊंचे सिहासन ते मां नू बिठा के हां मां नू बिठा के,
केसर ते चंदन दा तिलक लगा के हां तिलक लगा के,
फुल्ला दी महके खुशबू पुजारियां ने बूहा खोलिया।
शेरां वाली दा पुजारियां ने बूहा खोलिया।
निम्मी निम्मी तारेयां दी लो पुजारियां ने बूहा खोलिया।।

मन्दिरा दे विच वज्जन नगाड़े हां वज्जन नगाड़े
भगत वी बोलन हां जय जय कारे – जय जय कारे,
अर्जां करां हथ जोड़ पुजारियां ने बूहा खोलिया।
शेरां वाली दा पुजारियां ने बूहा खोलिया।
निम्मी निम्मी तारेयां दी लो पुजारियां ने बूहा खोलिया।।

मंदरा दी शोभा है जग तो न्यारी मां जग तो न्यारी,
विच बैठी है मां शेरां वाली – मां शेरां वाली,
जोतां दी जग मग लो पुजारियां ने बूहा खोलिया।
शेरां वाली दा पुजारियां ने बूहा खोलिया।
निम्मी निम्मी तारेयां दी लो पुजारियां ने बूहा खोलिया।।

हथ विच नारियल पेटां ले आवां – पेटां ले आवां,
भोली मैया दे चरनी चढ़ावां हां चरनी चढ़ावां ।
चरना च रहा मैं खलो पुजारियां ने बूहा खोलिया।
शेरां वाली दा पुजारियां ने बूहा खोलिया।
निम्मी निम्मी तारेयां दी लो पुजारियां ने बूहा खोलिया।।

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