Bhajan Diary - ओह ता बड़े नसीबां वाले जेहड़े सत्संग जांदे जी

ओह ता बड़े नसीबां वाले जेहड़े सत्संग जांदे जी– २
ओह जेहड़े सत्संग जांदे जी –२
सत्संग करिए घड़ियां 4, डूबडा बेड़ा हो जाए पार।
डूबडा बेड़ा हो जाए पार, सतगुरु एह फरमांडे जी।
ओह ता बड़े नसीबां वाले जेहड़े सत्संग जांदे जी– २

जेहड़े गए गुरां दी चरणी, ओहना जन्म सुधारे जी।
उत्तम हो गई ओहना दी करनी, ओह सचखंड नू जांदे जी।
ओह ता बड़े नसीबां वाले जेहड़े सत्संग जांदे जी– २

चौथा पहर एह कलयुग आया, पापे अपना रंग दिखाया।
सतगुरु बेड़ा एक बनाया, संगता पार लगांदे जी।
ओह ता बड़े नसीबां वाले जेहड़े सत्संग जांदे जी– २

सतगुरु शबद नाम दा वंदडे, उस विच बेद भाव ना करदे।
सतगुरु नाम दी जोत जगाउंदे, जेहड़े पार लगांदे जी।
ओह ता बड़े नसीबां वाले जेहड़े सत्संग जांदे जी– २

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