कॉलेज फ्रैंड्स के साथ पहला माता वैष्णोदेवी का ट्रिप🙏🙏
पहले साल के एग्जाम के बाद के शूटियों मेें वैष्णो देवी जाने का प्लान बना। मैंने पहले बोल दिया कि जाना है तो मस्ती के साथ पर माता के धाम की पवित्रता को बनाए रखना। एक दो ऐसे लड़के भी साथ चले जो गलत थे। ट्रेन में सीट नहीं मिली तो उन्होंने टीटी बन मजाक किया और जो लोग पूरी सीट लेकर बैठे थे वहा खड़े सफर कर रहे लोगो को बिठाया। यह सही भी था क्युकी सफर काफी लम्बा था।
वहा पहुंचने तक रास्ते में मस्ती के साथ दूसरे सफर कर रहे अनजान लोगों को भी तंग किया जो मुझे गलत लगा। मैं बस माता रानी से दुआ कर रहा था कि मेरा साथ देना। कटरा पहुंच दर्शन की टिकट लेने गया तो वहा एक साथ दस लोगो कि टिकट नहीं मिलती थी जो कि मेरी किस्मत थी हम दस लोग थे इस लिए एक नो लोगो कि टिकट और एक अकेले की जो मैंने रख ली।
वाण गंगा इश्नान केे समय उन्होंने कुछ ऐसा किया जो मुझे बहुत बुरा लगा और मैंने माता रानी की शपत ली और कहा आगे का सफर मैं अकेला करूंगा और मैंने उनका साथ शोड़ दिया।
मेरे कुछ और दोस्त भी उनका साथ छोड़ देना चाहते थे पर मजबूर थे। मैंने माता रानी के सहारे सफर तय किया और भवन पहुंच गया।
भवन पहुंचते इश्नान घर के पास जो एक नो गेट है वहां एक फौजी से पूछा कि दर्शन के लिए कहा से जाना है।
फोजी भाई बहुत अच्छा था उन्होंने मुझे वही से परवेश करने दिया और कहा परशाद देते जाना। उस दिन मेरी किस्मत बहुत अच्छी थी माता रानी के खुले दर्शन हुए।
वहा से निकला और शिव मंदिर दर्शन को गया तो पंडित जी बोले सेवा करो गे। जीवन मेें पहली बार भवन पर सेवा का मौका मिला।
वहा मेरी मुलाकात दो फोजि भाइयों से हुई वह भी मेरे साथ सेवा कर रहे थे।
बात करते हुए प्ता चला व्ह मेरे ही जिले के है।
सेवा के बाद फ़ौजी भाई को परशाद देने गया तो व्ह बोले दुबारा दर्शन को जाना है।
मानो मन की बात कह दी हो।
दुबारा दर्शन कर मैं भैरो बाबा के दर्शन को निकला। रात के अंधेरे मेें माता रानी के नाम सिमरन के साथ भैरो बाबा केे दर्शन किए।
फिर वहां से वापिस जाते अधकुवारी पहुंचा।
अधकुवारी घण्टों लग जाते हैं कई बार तो एक दो दिन भी पर माता रानी के आशीर्वाद था। वहां पहुंचते मुझे किसी ने नाम से पुकारा। देखा तो व्ह दोनो फौजी भाई दर्शन केे लिए लाइन मेें सबसे आगे थे। उनका फौजी कोटा होता है और उन्हीं की मदद से में भी लाइन मेें सबसे आगे।
मेरे जीवन के सबसे हसीन और यादगार सफ़र में से वह एक था।
माता रानी की गुफा के बाद घर वापिस अकेला आया और माता रानी को धन्यवाद दिया की जो हुआ अच्छा हुआ।।
जय माता दी 🙏
टिप्पणियाँ