रुद्राक्ष को धारण करने से पहले यह बातें जरूर जान ले।।

जय महाकाल 🙏🇮🇳

रुद्राक्ष पोस्टिक एनर्जी का स्त्रोत है अगर आप रुद्राक्ष को धारण करते हैं तो यह आपके आसपास के वातावरण को शुद्ध एवं साफ रखता है जिससे आपकी सोच में निरंतर विकास होता है किंतु अगर आप खुद नेटिविटी अपने पास लाते हैं तो यह भी आप मेन एक्टिविटी फैला देता है।
इसलिए रुद्राक्ष को धारण करने से पहले यह बातें जरूर जान ले कि अगर आप "मांस मदिरा" का सेवन करते हैं तो रुद्राक्ष को धारण मत करें।
रुद्राक्ष को धारण करने से पहले आपको मांस मदिरा का त्याग करना होगा ताकि यह आपके शारीरिक और आपके आसपास की जो नेग्टिविटी है उसको दूर कर सकें।
रुद्राक्ष को भगवान शिव के ऊर्जा पूंज के रूप में जाना जाता है जैसी शक्ति भगवान शिव में पाई जाती हैं उन्हीं का एक अंश रुद्राक्ष में सम्मिलित होता है।
किसी जीव की हत्या अपने स्वार्थ के लिए करना यह एक नेटिविटी का मूल स्रोत होता है और यह भगवान शिव को अप्रिय है और जो भगवान शिव को अप्रिय है वही रुद्राक्ष को भी अप्रिय माना जाता है। इसलिए रुद्राक्ष को धारण करने से पहले मांस मदिरा का त्याग करना जरूरी है।
रुद्राक्ष को धारण करते समय अपने मन और शरीर को शुद्ध एवं शान्त रखें ताकी यह आपके शरीर में पोस्टिव ऊर्जा का अधान प्रधान कर सकें अगर आपके मन में कटूरता होगी या नेग्टिविट सोच के साथ धारण करेंगे तो यह आपके लिए हानिकारक होगा।

रुद्राक्ष को धारण करते समय ॐ नमः शिवाय का जाप जरूर करे इससे रुद्राक्ष चार्ज होता है।

अपना पहना हुआ रुद्राक्ष किसी और को धारण करनेे को नहीं देना चाहिए।

कुछ लोगों का मानना है की मृत व्यक्ति की शव यात्रा मेें जाते समय रूद्राक्ष उतार कर पूजा सथल पर रख दे। हालांकि मैं इस बात को नहीं मानता क्योंकि शमशान में स्वयं भगवान शिव विराजमान है और भगवान शिव और उनके भक्त मृत व्यक्ति की राख आपने शरीर पर लगाते हैं इसलिए मैं इस तर्क को नहीं मानता।।
आपकी क्या राय है कॉमेंट मेें जरूर बताएं।।

भगवान शिव की कृपा आप सभी पर बनी रहे।।

जय महाकाल 🙏🇮🇳

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