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जरूरत से अधिक लालच इन्सान के कुल का विनाश कर देता है।।

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हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र जन्म से अंध थे। इस कारण से वह ज्येष्ठ पुत्र होते हुए भी राजा बनने के योग्य नहीं थे। परंतु राजा पांडु एक गंभीर बीमारी का शिकार हो जाने की वजह से वन में प्रस्थान कर गए थे और एक राज्य का सिंहासन रिक्त नहीं रखा जा सकता था, इसलिए धृतराष्ट्र को पांडु का प्रतिनिधि राजा बनाया गया था। राजसुख का स्वाद चख लेने वाले धृतराष्ट्र चाहते थे की उनके बाद हस्तिनापुर का राजा उनका पुत्र दुर्योधन बनें। इसी लालसा में उन्होने न्याय और अन्याय में फर्क करना छोड़ दिया और अपने पुत्र की हर एक ज़्यादती को वह अनदेखा कर के पांडु पुत्रों से पग-पग पर अन्याय करते गए। दुर्योधन ने भी पांडवों के लिए अपनें ह्रदय मे घृणा ही पाल रखी थी। भीम को ज़हर दे कर नदी में डुबोना, लाक्षाग्रह में आग लगा कर पांडु पुत्रों और कुंती को ज़िंदा जला देने का षड्यंत्र, द्रौपदी चीर हरण, द्यूत क्रीडा में कपट कर के पांडवों को वनवास भेजना और ना जाने ऐसे कई षड्यंत्र से उसने पांडवों को मारने की चेष्टा की थी। अंत में जब उन के पाप का घड़ा भर गया, तब धर्म युद्ध हुआ। उस महायुद्ध में लालची धृतराष्ट...

भगवान शिव द्वारा भस्मासुर को दिया हुआ वरदान बना उनके लिए मुसीबत 🙏🇮🇳

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जय महाकाल भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है क्योंकि उन पर श्रद्धा से चढ़ाया हुआ एक बिल पत्र भी आपके हर कष्ट हर लेता है। देवों के देव महादेव इतने भोले हैं कि उनकी भक्ति कर उन्हें प्रसन्न करना देव दानव या मानव सबके लिए बड़ा ही आसान है। वह हर भक्त को एक सामान्य दृष्टि से देखते हैं फिर चाहे उनकी भक्ति का वरदान पाने वाला उनके वरदान का दुरुपयोग ही क्यों ना करें। आज की यह कथा भस्मासुर के वरदान से जुड़ी है। भस्मासुर भगवान शिव का अनन्य भक्त था और और बहुत ही बलवान दैत्य था। वे तीनो लोक पर अपना राज्य स्थापित कर इस सृष्टि का सबसे बलवान दैत्य बनना चाहता था। वह जानता था कि उसकी यह इच्छा भगवान शिव की आराधना से ही संपन्न हो सकती थी। इसलिए व्ह एकांत में भगवान शिव की तपस्या में लीन हो गया। भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उसने भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया। भगवान शिव ने उसे वरदान मांगने के लिए कहा और जैसे कि हर दैत्य अमरता का वरदान मांगते हैं उसने भी भगवान शिव से अमर होने का वरदान मांगा। भगवान शिव भोले की जो व्यक्ति जन्म लेता है उसकी मृत्यु आवश...

श्री संगमेश्र्वर महादेव मंदिर - आरती दर्शन

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🙏🌹 *🐍ॐजय श्री महाकाल🐍* 🌹🙏 **_*_*ॐ नमः पार्वती पतये__*             *_*हर हर महादेव_*  *श्रंगार आरती ```दर्शन``* `  **  * *28 σctσвєr  2020   Wednesday***  जहाँ पर आकर लोगों की #नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से #महाकाल के #दीवानों की #बादशाही शुरू होती है..! #jaimahakal  वो लम्हा …….मेरी ज़िन्दगी का बड़ा अनमोल होता है… मेरे#महाकाल जब तेरी बातें,…तेरी यादें, ..तेरा माहौल होता है.. #जयमहाकाल जिनके रोम-रोम में #शिव हैं  वही #विष पिया करते हैं जमाना उन्हें क्या #जलाएगा जो #श्रृंगार ही #अंगार से किया करते हैं #महादेव  ║ _*जय श्री महाकाल* 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🚩 !   *श्री संगमेश्र्वर महादेव मंदिर* *(अरुणाय)पेहोवा,हरियाणा*       *ओम नमः शिवाय*  * *║  *║जय श्री* 🔱꧁༒ *ঔमहाकालঔ*  *शिव - महाकाल* #mahakal #jaimahakal #mahakaleshwar #mahakali #jaishreemahakal #mahakal🙏 #jaymahakal #mahakalfanclub #yamahakalselteng #shree_mahakal #mahakal...

महाकाल की भक्ति - Mahakal Status 2020🙏🇮🇳

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नजर पड़ी #महादेव की #मुझ पर तब जाकर ये #संसार मिला, बड़े ही भाग्यशाली #शिव प्रेमी है हम जो महाकाल का प्यार मिला !! #जय_श्री_महाँकाल  #आसमान में #महाकाल है, जलने के बाद सब #कंकाल है, #उज्जैन की भस्म आरती में #त्रिकाल है, तभी तो मेरे हर काल को निपटाने वाले मेरे #महाकाल है। #Jaimahakal हमने तो अपने आप को  🔱#महाकाल के #चरणों में रख दिया 🌍दुनियाँ ही हमारी #महाकाल है     अब इतना समझ📿लिया  🙏#हर_हर_महादेव🚩  ये दिल💓 तुमसे ये जान तुमसे है तुम्हे कैसे भूल सकता हूँ 🔱#महाकाल मेरा तो जहानँ🌍 तुमसे है #जय_श्री_महाकाल 🙏 जैसे हनुमानजी के सीने में तुमको सियापति श्री राम मिलेंगे सीना चीर के देखो मेरा तुमको बाबा #महाकाल मिलेंगे जय श्री महाकाल 🙏 नही पता कौन हु मै !! और कहा मुझे जाना है !!। #महादेव ही मेरी #मँजिल !! और #महाकाल का दर ही मेरा #ठिकाना है !! यह #कलयुग है यहाँ ताज #अच्छाई को नही #बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा #महाकाल के दीवाने है, ताज के नही #रुद्राक्ष के दीवाने है #जय_महाकाल ...

अचलेश्वर धाम के दर्शन🙏🇮🇳

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*​​Jⓐⓘ Sⓗⓘⓥ *Sⓗⓐⓝⓚⓐⓡ​* *ॐ_नमः_शिवाय्* *ॐ🔱ॐ🔱ॐ🔱ॐ🔱ॐ🔱*  *।।..सच वह दौलत है*  *जिसे पहले ख़र्च करो*  *और ज़िंदगी भर आनंद करों ..।।*   *।।..झूठ वह क़र्ज़ है*  *जिससे क्षणिक सुख पाओ*  *और ज़िंदगी भर चुकाते रहो ..।।*  ※❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖※  *ईश्वर सत्य है*  *सत्य ही शिव है*  *शिव ही सुंदर है* *●शुक्र है मेरे महादेव तेरा शुक्र है●* ※❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖※   *🚩अचलेश्वर धाम के दर्शन🚩*  🙏 *ॐ शांति ॐ*🙏  *🐍_जय_महाकाल_🐍_*  *आपका दिन शुभ हो*  🙏🏻 *शुभ प्रभात​*🙏🏻 *🙏🏻हे ईश्वर सबका भला करना।🙏🏻*  🕉 ​ *जय भोले नाथ​* 🕉

भगवान शिव और उनके रूद्र अवतार के मध्य युद्ध की एक कथा।।

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भक्त और भगवान का एक अटूट रिश्ता है। भक्त अपने भगवान के लिए और भगवान अपने भक्तों के लिए हर सीमा हर बंधन को तोड़ सकता है। इस संसार में प्रभु श्री राम भक्त हनुमान जैसा भक्त कोई नहीं जन्मा और ना ही देवा दी देव महादेव जैसे भगवान जो अपने भक्तों के लिए अपने इष्ट देव से भी लड़ने को तैयार हो गए। श्री राम से जुड़ी क्यों रोचक कथाओं का वर्णन हमे अलग अलग वेद पुराणों में मिलता है। क्या आप जानते है श्री राम भक्त हनुमान और महादेव के मध्य युद्ध हुआ था? ऐसी ही एक कथा का वर्णन पद्म पुराण के पातालखंड में मिलता है। यह बात उस समय की है जब प्रभु श्री राम ने पूरे विश्व में रामराज्य स्थापित करने के लिए अश्वमेघ यज्ञ का घोड़ा श्री राम भक्त हनुमान और शत्रुघ्न के नेतृत्व में छोड़ा। घोड़े पर लिखी हुई चुनौती के अनुसार जो कोई घोड़ा रोकेगा उसे श्री राम भक्त हनुमान और उनकी सेना से युद्ध करना होगा अगर युद्ध में वे हार गए तो उन्हें अपनी हार स्वीकार कर श्री रामचंद्र की शरण में आना होगा। घोड़ा जिस जिस देश से गुजरता सब उन्हें नमन कर श्री राम की शरण में आते। एक समय यज्ञ का घोड़ा घूमते हुए देवपुर नगर मे...

दशहरा और विजय दशमी का महत्व।।

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दशहरा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। भगवान श्री राम ने रावण का इसी दिन वध किया था इसी हर्ष उल्लास को मनाने के लिए दशहरा त्योहार मनाया जाता है। एक और कथा के अनुसार माता दुर्गा नवरात्रि और 10 दिन के उपरांत महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। दशहरा इसी का प्रतीक है अर्थात बुराई पर अच्छाई की जीत और असत्य पर सत्य की जीत। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो भी कार्य किया जाता है उसमें विजय प्राप्त होती है अर्थात किसी भी शुभ और नए कार्य को इस दिन किया जाए तो आप सफल होंगे। पुराने समय में राजे महाराजे इसी दिन पूजा करके युद्ध विजय के लिए प्रस्थान करते थे। इस दिन जगह-जगह पर मेले लगते हैं और रामलीला का त्यौहार मनाया जाता है। रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है। दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाता है। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है भगवान श्री राम और मां दुर्गा की कृपा आप सब पर बनी रहे। जय श्री राम 🙏🇮🇳 जय मा...